Friday, February 12, 2016

वैलेंटाइंस डे पर ओबामा क्यों हैं परेशान!

  • 7 घंटे पहले
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लाल रंग की छोटी सी तंग ड्रेस, लाल लिपस्टिक, लाल हाई हील्स वाले जूते और सुनहरे बालों को झटकती हुई मादक सी अदा बिखेरते हुए वो एक कोने में खड़ी है.
बांका नौजवान दौड़ता हुआ आता है, एक हाथ में लाल गुलाब लिए एक घुटने पर झुकता है, दूसरी जेब से लाल डिब्बी निकालकर अंगूठी निकालता है और लड़की बांहों में आ जाती है.
म्यूज़िक बजता है, पीछे से मखमली आवाज़ आती है आप अपनी वैलेंटाइन को क्या तोहफ़ा देंगे?
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बस ये ऐड देखते ही आपका भी हो गया काम तमाम.
बाल संवारे, फ़ुस-फ़ुस छिड़का और ठान कर निकले कि इस वैलेंटाइंस डे पर पड़ोस वाले शर्मा जी की लड़की को अंगूठी नहीं सही लेकिन लाल गुलाब तो दे ही डालूंगा. शर्मा जी के गेट पर आपकी नज़र पड़ती है साइनबोर्ड पर. लिखा हुआ है: कुत्ते से सावधान. आप दुम दबाकर लौट आते हैं.
अरे मियां कुछ नया करने की सोचें इस बार.
मैकडॉनल्डस और एक और रेस्तरां अपने इश्तिहार में पैगाम दे रहे हैं-- लव ऐट फ़र्स्ट साइट नहीं लव ऐट फर्स्ट बाइट.
मैकडॉनल्डस वाले ऐड में अंगूठीवाली डिब्बी से मिलता-जुलता एक छोटा सा डब्बा है, खुलता है उसी अंदाज़ में जैसे अंगूठी वाली डिब्बी खुल रही हो, लेकिन उसमें से निकलता है एक गोल-मटोल बर्गर.
वैसे इश्क के ऐसे इज़हार में डर है कि लड़की तो आने से रही, बदबूदार डकार ज़रूर आएगी.
सियासी मौसम है तो कई वेबसाइट्स ऐसे कार्ड्स भी बेच रही हैं जिनपर किसी बड़े नेता की तस्वीर के साथ कुछ नटखट सा पैग़ाम लिखा होता है.
मेरी सलाह है कि बिल क्लिंटन की तस्वीरों वाले कार्ड्स से दूर रहिएगा. थोड़ा ज़्यादा ही नॉटी हो जाएगा!
वैसे बिल क्लिंटन से हिलेरी क्लिंटन की याद आ गई. उनकी भी क्या क़िस्मत है. हमेशा लड़कियों के हक़ के लिए बात करती हैं और सबसे ज़्यादा लड़कियां ही उन्हें परेशान करती हैं.
जब तक व्हाइट हाउस में थीं, तो उनके भोले-भाले पति को लड़कियों ने कभी ओवल ऑफ़िस में तो कभी कहीं और परेशान कर रखा था.
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अब व्हाइट हाउस में फिर से घुसने की कोशिश कर रही हैं तो वो लड़कियां गड़े मुर्दे उखाड़ रही हैं और जो बाकी हैं वो दूसरे उम्मीदवार बर्नी सैंडर्स की तरफ़ भाग रही हैं.
बड़े मियां की उम्र 75 की होने को है, पूरी तरह सफ़ेद हो चुके बाल यूं लहराते हैं जैसे मां-बाप ने बचपन में कंघी नाम की चीज से तार्रुफ़ ही न करवाया हो. लेकिन उनकी रैलियों में जाइए तो लगता है जैसे लड़कियां टूटी पड़ रही हों और उनके साथ-साथ लड़के भी गुड़ की तरफ़ चींटे की तरह खिंचे चले आते हैं. तो हिलेरी के तो सारे नौजवान वोटों का बंटाधार हो गया न!
और सैंडर्स साहब कर क्या रहे हैं, तो बस एक ऐसा सपना दिखा रहे हैं जिनपर आमतौर पर इंसान जवानी के दिनों में ही यकीन कर पाता है.
एक ऐसा समाज जिसमें सब बराबर होंगे, सबको अपना हक़ मिलेगा, शिक्षा मुफ़्त होगी, अस्पताल मुफ़्त होंगे, वगैरह-वगैरह.
आस-पड़ोस में देखिए कोई ऐसी रैली हो रही तो क़िस्मत आज़मा सकते हैं. बाग़ी रैलियों में इश्क को परवान चढ़ते हुए हमने कई बार देखा है.
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वैसे वैलेंटाइंस डे कार्ड्स डॉनल्ड ट्रंप की तस्वीरों के साथ भी बिक रहे हैं. अगर आप उस पर लिख दें "मैं इस इंसान से तु्म्हें ज़िंदगी भर बचाऊंगा" तो शायद आपकी दाल गल सकती है.
वैसे इस बार ओबामाजी भी मुसीबत में होंगे. दो साल पहले वैलेंटाइन डे पर जॉर्डन के बादशाह के साथ डिनर कर रहे थे और बीवी को खुश करने के लिए ट्वीट कर दिया: हक़ीक़त ये है कि मिशेल ओबामा से बेहतर कोई वैलेंटाइंन नहीं है.
मैडम का भी दिल पिघल गया और उन्होंने ट्विट किया: "मैं हमेशा तुम्हारी वैलेंटाइन रहूंगी."
आप कहेंगे..सो क्यूट!
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लेकिन ये व्हाइट हाउस में रहते हुए उनका आख़िरी वैलेंटाइंस डे होगा.
ज़रा सोचिए ये ऐशो-आराम छोड़ने के माहौल में बीवी को ख़ुश करना कितना मुश्किल हो रहा होगा उनके लिए. सोच रहे होंगे पता नहीं किसने बनाया ये अमरीकी क़ानून कि दो बार से ज़्यादा राष्ट्रपति नहीं रह सकते वर्ना जो माहौल है उसमें एक और पारी तो हाथ से कहीं नहीं गई थी.
तो भाई साहब जो करना हो आप करें. शर्मा जी अपने मोटे कु्त्ते और दोनाली बंदूक के साथ आपका पीछा करें तो मुझे मत कोसिएगा. मैं फ़िलहाल अपनी वैलेंटाइन को ख़ुश करने की कोई तरक़ीब ढूंढता हूं!

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