Friday, January 15, 2016

एम्स की रिपोर्ट: पंजाब में पाक से आ रही 7,500 करोड़ की ड्रग्स, ISI करता है सपोर्ट

सिम्बॉलिक इमेज।





चंडीगढ़. एयरबेस अटैक के बाद अब पाकिस्तान के स्मगलर्स और टेररिस्ट के बीच गठजोड़ की खबर है। एम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में हर साल 7,500 करोड़ रुपए की ड्रग्स कंज्यूम होती है। इसमें से 6,500 करोड़ की सिर्फ हेरोइन होती है। ये ड्रग्स पाकिस्तान बॉर्डर से भारत में दाखिल होती है।
पाक खुफिया एजेंसी ISI करती है सपोर्ट...
- एम्स के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एनडीडीसटीसी) का यह अपनी तरह का पहला सर्वे है।
- सर्वे के मुताबिक पूरी हेरोइन पाकिस्तान से आती है।
- स्मगलर्स को पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई मदद करती है।
- माना जा रहा है कि एयरबेस अटैक को अंजाम देने वाले टेररिस्ट ने स्मगलरों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया था।
- सिक्युरिटी एजेंसियों ने कहा था कि पाकिस्तान से आनी वाली हेरोइन की खपत पंजाब में नहीं है। ये दिल्ली जैसे बड़े शहरों में लाई जाती है। रिपोर्ट से एजेंसियों का लॉजिक गलत साबित होता है।
- पहले की स्टडीज की मानें तो पंजाब में ड्रग्स का एडिक्शन, ग्लोबल एवरेज का चार गुना है।
क्या है स्मगलर्स का खतरनाक खेल?
- स्मगलर्स केवल टेररिस्ट को भारत में भेजते। वे पंजाब में आर्मी को हेरोइन का एडिक्ट बना रहे हैं।
- एनडीडीटीसी की स्टडी के मुताबिक पंजाब की टोटल पॉपुलेशन (2.77 करोड़) का 0.8% (करीब 2.3 लाख) अफीम के आदी है।
- करीब 8.6 लाख लोगों के अफीम खाने का अनुमान है।
- रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में हेरोइन लेने वाले सबसे ज्यादा 1.23 लाख लोग हैं।
- ड्रग्स के लिए पूरे पंजाब में रोज 20 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं।
- हेरोइन लेने वाला शख्स औसतन 1400 रुपए डेली खर्च करता है।
- पंजाब में ड्रग्स की खपत को लेकर एक स्टडी 6 जनवरी को स्टेट के हेल्थ मिनिस्टर सुरजीत कुमार ज्ञानी के सामने पेश की गई थी।
- ज्ञानी के मुताबिक, "मुझे 20 करोड़ के आंकड़े को लेकर थोड़ा डाउट है। हालांकि सरकार इसे वॉर्निंग की तरह लेगी।'
किसने किया है सर्वे?
- एनडीडीटीसी और दिल्ली की सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ यूथ एंड मासेस ने साथ मिलकर किया है।
- फरवरी-अप्रैल 2015 के दौरान ये स्टडी की गई। इसमें 18 से 35 साल के बीच के लोगों को शामिल किया गया।
- पंजाब के 10 डिस्ट्रिक्ट से 3,620 डाटा कलेक्ट किए गए।
- स्टडी के मुताबिक 100 में से 4 लोग नशे के आदी और 100 में 15 नशा करने वाले बताए गए।
- सर्वे को लीड कर रहे डॉ. अतुल अंबेडकर के मुताबिक पंजाब में ड्रग इंजेक्शन लेने वालों की संख्या करीब 75 हजार पाई गई। ये मौजूदा अनुमान (20 हजार) से कहीं ज्यादा है।
- जाहिर है इससे पंजाब में एड्स की महामारी का भी खतरा है।
- स्टडी के मुताबिक 80% ड्रग्स के आदी उससे बाहर आने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि 35% को मदद की जरूरत है।
पहले भी हुए थी स्टडी
- पंजाब को लेकर 2008 में UNAIDS और 2012 में यूएन ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम स्टडीज की स्टडी हुई थीं। 
- इनमें दवाओं को ड्रग्स के तौर लिए जाने की बात कही गई थी।
- एनडीडीसीटीसी का सर्वे बताता है कि अब लोग हेरोइन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।
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