रोम. इटली के सिसली में एक जगह है कापूचिन कैटाकॉम्ब। यहां 16वीं सदी के आसपास की करीब 8 हजार ममी को रखा गया है। यह जगह अंदर से जितनी डरावनी है, इस तक पहुंचने का रास्ता भी उतना ही डरावना है। ये कई अंधेरी संकरी गलियों से होकर गुजरता है, जिनकी दीवारों पर भी मुर्दे लटके हुए हैं।
जानिए इससे जुड़ी अफवाहों के पीछे का सच...
प्राचीन रोम में अंडरग्राउंड कब्रिस्तान के बारे में कई अफवाहें हैं। लंबे समय तक यहां भ्रम फैला रहा कि किसी दैवीय आपदा के चलते हजारों लोग एक साथ मारे गए, जिन्हें यहां या तो दफनाया गया या वे स्वयं दफन हो गए। इसके आस-पास के ज्यादातर गांव अब खाली हैं। मान्यता है कि इनमें से कुछ मुर्दे अब भी जिंदा होते हैं, जिनके चलते यहां महामारी फैलती है।
तो सच क्या है?
दरअसल, यह जगह एक कब्रिस्तान है। यहां ममी को रखने के लिए अलग-अलग सेक्शन बने हुए हैं, जैसे कि महिला, पुरुष, बच्चे, कुंवारी कन्याएं, संत, शिक्षक, डॉक्टर, सैनिक के लिए इत्यादि। 1880 में अधिकृत रूप से इस कब्रिस्तान को बंद कर दिया गया था। फिर भी कभी-कभार कुछ ममी इसमें आ जाते थे। 1920 में इस कब्रिस्तान में अंतिम ममी बनाई गई, जो कि एक बच्ची की थी, जिसका नाम रोसलिया लबाडरे था। यह ममी इस कब्रिस्तान में रखी हुई सबसे खूबसूरत ममी है, जिसे देखने पर ऐसा लगता मानो कोई प्यारी बच्ची सो रही हो।
कापूचिन की स्थापना कैथोलिक संतों की ममी को संरक्षित करने के लिए की गई थी, लेकिन बाद में इस कब्रिस्तान में जगह पाना सामाजिक रुतबे कि बात मानी जाने लगी। यहां ममी को रखने के लिए नियमित रूप से फीस चुकानी पड़ती थी। यदि किसी ममी की फीस आनी बंद हो जाती तो उस ममी को हटा दिया जाता।
आगे की स्लाइड्स में देखें इससे जुड़े कुछ और फोटोज...
No comments:
Post a Comment