नई दिल्ली। अमेरिकी महिला फोटोग्राफर जिल पीटर्स ने भारतीय किन्नरों की बहुत आकर्षक फोटोज क्लिक की हैं। उन्होंने बताया कि, इंडियन सोसायटी में थर्ड जेंडर कहलाने वाले हिजड़ों की कभी पूजा की जाती थी, लेकिन अब ये भीख मांगने और वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर हो गए हैं।
हिजड़ों से पहली मुलाकात पर लोगों ने दी थी इनसे दूर रहने की हिदायत...
पीटर्स ने बताया कि दिल्ली में हिजड़ों को पहली बार देखने पर उन्हें इन लोगों से दूर रहने के लिए कहा गया था। लेकिन जब वे मुंबई की यात्रा पर थीं तो दोबारा उन्हें किन्नर दिखाई दिए। उन्होंने गली में घूम रहे एक किन्नर से उनकी फोटोज लेने के लिए कहा और वे मान गए।
हिजड़ों को महिला के रूप में फोकस कर किया फोटोशूट
निर्वाण 'दी थर्ड जेंडर ऑफ इंडिया' नाम की फोटो सीरीज शूट करने के दौरान पीटर्स को अहसास हुआ कि किन्नर असल में गॉड गिफ्ट हैं और कैसे भारत में इन्हें हीन भावना से देखा जाता है। इसके मद्देनजर पीटर्स ने इन्हें एक महिला मानकर उनपर यह फोटोशूट किया है। पीटर्स ने अपनी वेबसाइट में लिखा है कि हिजड़े जन्म से ही उभयलिंगी और मेल क्रौस ड्रेसर्स होते हैं।
अगर उनकी दुआएं लगती हैं तो हाशिए पर क्यों हैं किन्नर ?
जिल ने सवाल उठाते हुए कहा कि, भारत में मान्यता है कि हिजड़ों की दुआएं लगती हैं। जब वे शादी या बच्चे के जन्म पर घरों में नाचते हैं तो गुड लक आता है और फर्टिलिटी भी बढ़ती है। तो इन्हें हाशिए पर क्यों रखा गया है ? पीटर्स ने बताया, किन्नर अमूमन बेरोजगार ही होते हैं इसीलिए अपनी बेसिक नीड्स को पूरा करने के लिए उन्हें भीख मांगने और प्रोस्टीट्यूशन का सहारा लेना पड़ता है।
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